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उत्तर प्रदेश की जलवायु (उत्तर प्रदेश की जलवायु कैसी है।) उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से कितनी ऋतु होती हैं।

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   उत्तर प्रदेश की जलवायु  भौगोलिक विषमताओं के कारण उत्तर प्रदेश की जलवायु में विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय विषमताए पाई जाती हैं। फिर भी सामान्य रूप से प्रदेश की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी*( अर्थात समशीतोष्ण उष्ण कटिबंधीय या उपोष्ण मानसूनी ) है।   यहां वर्ष भर में तीन ऋतुए घटित होती हैं। उत्तर प्रदेश की जलवायु (उत्तर प्रदेश की जलवायु कैसी है।) उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से कितनी ऋतु होती हैं। इसे भी पढ़ें 👉 click here 👉 उत्तर प्रदेश का भौतिक विभाजन  https://www.upspecial1st.in/2021/10/Uttar-Pradesh-Ka-Bhautik-Vibhajan.html ग्रीष्म ऋतु-  सूर्य के कर्क रेखा की ओर बढ़ने के साथ ही प्रदेश के तापमान में वृद्धि होना शुरू हो जाता है और जून   में अपने उच्चतम बिंदु पर पहुंच जाता है। इस समय सूर्य कर्क रेखा पर सीधे चमकता है। • ग्रीष्म ऋतु में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 36°C से 39°C तक तथा औसत न्यूनतम तापमान  21°C से 23°C तक तथा औसत तापांतर 14°C रहता है। • प्रदेश में सबसे अधिक गर्मी आगरा व झांसी जिले में होती है तथा सबसे कम गर्मी बरेली में पढ़ती है। इस...

लोकगीत उत्तर प्रदेश स्पेशल

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  लोकगीत उत्तर प्रदेश स्पेशल प्रदेश में लोकगीतों की एक समृद्ध परंपरा रही है यहां क्षेत्र और अवसर के अनुसार लोकगीतों के सुर लय ताल आदि में काफी भिन्नता देखने को मिलती है प्रदेश में क्षेत्रवार गाए जाने वाले कुछ प्रमुख लोकगीत इस प्रकार हैं • कजरी,चौलर,कराही,गारी, पूर्वी,कहरवां, सोहनी, रोपनी, दादरा,नटका,बिरहा, झूमर,झूला, लोरिकी,चैता,फगुआ,जोगीरा,बिदेसिया,सोहर, बधाई गीत व कव्वाली आदि लोकगीत पूर्वांचल में गाए जाते हैं • कजरी  वर्षा ऋतु  का लोकगीत है इसकी उत्पत्ति मिर्जापुर में मानी जाती है मिर्जापुर में भाद्र कृष्ण तृतीया को विंध्यवासिनी देवी का जन्मोत्सव कजरी पर्व के रूप में  मनाया जाता है मिर्जापुर में कजरी के चार अखाड़े-पंडित शिवदास मालवीय अखाड़ा जहांगीर अखाड़ा बैरागी अखाडा व अक्खड़ अखाड़ा है। थोड़े बहुत अंतरों के साथ कजरी संपूर्ण पूर्वांचल तथा अवध क्षेत्र में गाई जाती है। मालिनी अवस्थी उर्मिला श्रीवास्तव अजीता श्रीवास्तव व उषा गुप्ता कजरी की प्रमुख गायिका हैं। • सोहर, बधाई,सावनी,फाग,झूला, कजरी व संस्कार गीत आदि अवध क्षेत्र के प्रमुख लोकगीत हैं। • झूला,होरी,रसिया,बम रस...