उत्तर प्रदेश की जनसंख्या
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या Uttar Pradesh ki jansankhya सम्पूर्ण भारत की जनसंख्या का सबसे बड़ा भाग है। जहां पर देश की कुल जनसंख्या का 16.51% लोग निवास करते हैं। किंतु उत्तर प्रदेश क्षेत्रफल के मामले में देश की कुल क्षेत्रफल का मात्र 7.33% ही है। संपूर्ण देश में क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश राजस्थान, मध्य प्रदेश, व महाराष्ट्र के बाद चौथे स्थान पर है। जबकि जनसंख्या के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। जिससे स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में विशाल जनसंख्या निवास करते हैं। विश्व स्तर में उत्तर प्रदेश की आबादी चीन भारत अमेरिका इंडोनेशिया के बाद पांचवें स्थान पर है। इससे पहले या छठवें स्थान पर था लेकिन इस दौरान ब्राजील इससे पीछे छूट गया है।
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| उत्तर प्रदेश की जनसंख्या Uttar Pradesh ki jansankhya उत्तर प्रदेश की जनगणना 2011 |
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2001 में प्रदेश की जनसंख्या16,61,97,921 थी।जो 2011 में बढ़कर 19,98,12,341 हो गयी। जो कि देश के अन्य राज्यों के संदर्भ में सर्वाधिक है। 2001-2011 के दौरान प्रदेश की कुल जनसंख्या में 3,36,14,420 की वृद्धि हुई है। जनगणना 2011 के अनुसार प्रदेश की कुल जनसंख्या में 52.29% पुरुष व 47.71% महिलाएं हैं।
वृद्धि दर-
2011 में प्रदेश स्तर पर औसत जनसंख्या वृद्धि दर 20.23% तथा राष्ट्रीय स्तर पर 17.7% रही है। जबकि 2001 में प्रदेश स्तर पर औसत जनसंख्या वृद्धि दर25.85% तथा राष्ट्रीय स्तर पर 21.54% रहीं हैं। जिससे स्पष्ट होता है कि वर्ष 2001-11 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर तथा राज्य स्तर पर वृद्धि दर में गिरावट हुई है। 2001-11 के दौरान प्रदेश में महिला आबादी में वृद्धि दर 21.23% तथा पुरुष आबादी में वृद्धि दर 19.31% रही है। स्वतंत्रता के बाद जनसंख्या में सर्वाधिक वृद्धि दर 1991-01 के दौरान तथा सबसे कम जनसंख्या वृद्धि दर 1951-61 के दौरान रही है।
साक्षरता दर-
2001 में प्रदेश की कुल साक्षरता दर 56.3% थी। जबकि प्रदेश में पुरुष साक्षरता दर व महिला साक्षरता दर क्रमशः 68.8% और 42.2% थी। जो 2011 में बढ़कर क्रमशः 77.3% व 57.2% हो गई। इसके अलावा वर्ष 2011 में प्रदेश की कुल साक्षरता दर 56.3% से बढ़कर 67.72% हो गई।
• 2001 की अपेक्षा 2011 में राज्य की औसत साक्षरता दर में 11.4% की वृद्धि हुई।
• 2001-11 के दौरान महिला साक्षरता में रिकॉर्ड 15% की वृद्धि हुई। जबकि पुरुष साक्षरता में केवल 8.5% की वृद्धि हुई।
•राज्य की औसत साक्षरता में सर्वाधिक वृद्धि 1991-01 के दौरान वह सबसे कम 1961-71 के दौरान हुई।
•2011 के अनुसार ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र की औसत साक्षरता क्रमशः 65.46% व 75.14% है।
शिशु जनसंख्या-
2011 के अनुसार प्रदेश की कुल जनसंख्या में 0-6 वर्ष आयु वर्ग जनसंख्या 15.41%(13,07,91,331) है। जबकि 2001 में 19.0% थी। इस प्रकार 2001 की तुलना में 0-6 आयु वर्ग की जनसंख्या का अनुपात 3.59% घटा है।
•0-6 आयु वर्ग का राष्ट्रीय स्तर पर अनुपात 13.6% है।
•0-6 वर्ष आयु वाली जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत अनुपात बहराइच (18.77%) वह सबसे कम कानपुर नगर (11.13%) में हैं।
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जनसंख्या घनत्व-
जनघनत्व किसी प्रदेश की जनसंख्या और उस प्रदेश के क्षेत्रफल का अनुपात है। 2001 के अनुसार प्रदेश का आवश्यक जनघनत्व 690 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था जो 2011 में बढ़कर 829 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर हो गया अर्थात इस दौरान 139 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर जनघनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है स्वतंत्रता के बाद जनघनत्व में सर्वाधिक वृद्धि 1981-91 के दौरान वह सबसे कम वृद्धि 1951-61 के दौरान हुई है।
नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्या-
नगरों में रहने वाली जनसंख्या को नगरीय जनसंख्या तथा ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली जनसंख्या को ग्रामीण जनसंख्या कहते हैं। वर्ष 2011 के अनुसार प्रदेश की कुल जनसंख्या (19,98,12,341) में से ग्रामीण जनसंख्या (15,53,17,278) व नगरीय जनसंख्या (4,44,95,063) हैं। ग्रामीण जनसंख्या प्रदेश की कुल जनसंख्या का 77.73% तथा नगरीय जनसंख्या 22.27 प्रतिशत है। जनगणना 2011 के अनुसार प्रदेश के कुल 915 नगरों में से एक से 10 लाख जनसंख्या वाले वैधानिक नगरों की संख्या 64 तथा 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले वैधानिक नगरों की संख्या 7 है 2001 में क्रमश 41 व 6 थे।
•प्रदेश के 12 जिलों में नगरीय जनसंख्या 10 लाख से अधिक है
•देश के कुल नगरीय जनसंख्या में उत्तर प्रदेश (11.79%) का महाराष्ट्र के बाद दूसरा स्थान है।
लिंगानुपात-
लिंगानुपात से तात्पर्य किसी क्षेत्र विशेष में पुरुष एवं स्त्री की संख्या के अनुपात को कहते हैं। वर्ष 2001 में प्रदेश में लिंगानुपात 898 था, जो कि वर्ष 2011 में बढ़कर 912 हो गया। वर्ष 2001-11 के दौरान लिंगानुपात में 14 अंक की वृद्धि हुई। 2011 में राष्ट्रीय स्तर पर लिंगानुपात 943 है स्वतंत्रता के बाल लिंगानुपात में सर्वाधिक वृद्धि 1991 से 2001 के दौरान हुई। 0-6 आयु वाली जनसंख्या का लिंगानुपात 2001 में 916 था जो कि 2011 में 14 अंक घटकर 902 हो गया है। राज्य में सर्वाधिक व सबसे कम शिशु लिंगानुपात वाले जिले बलरामपुर व बागपत है।
धर्म आधारित जनगणना-
2011 की धार्मिक जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या में 79.73% जनसंख्या हिंदू धर्म मानने वाली लोगों की है जो की सर्वाधिक है जबकि सबसे कम जनसंख्या बौद्ध धर्म मानने वाले लोगों की है जो कि मात्र 0.10% है। इसके अलावा प्रदेश में मुसलमानों की जनसंख्या प्रदेश की कुल जनसंख्या का 19.26% है। और 0.32% भाग प्रदेश में सिख जनसंख्या का है तथा 0.18% भाग इसाई की जनसंख्या है तथा 0.11% जैन जनसंख्या का है।
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अनुसूचित जातियां-
उत्तर प्रदेश विदेश का जनसंख्या की दृष्टि से सर्वाधिक अनुसूचित जाति वाला प्रदेश है।
2001 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जातियां प्रदेश की कुल जनसंख्या का 21.1% थी। जो कि सन 2001 में 3,51,48,377 थी। सन 2011 में प्रदेश में अनुसूचित जातियों की संख्या 4,13,57,608 हो गई है। संपूर्ण देश के कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या का प्रतिशत 16.6% है। प्रदेश के अनुसूचित जातियों में लिंगानुपात 2011 में 907 है जबकि 2001 में 900 था आजमगढ़ में अनुसूचित जातियों में लिंगानुपात सर्वाधिक 1021 पाया गया है।
अनुसूचित जनजातियां-
2001 की जनगणना के अनुसार राज्य में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या 1,07,963 थी, जो कि प्रदेश की कुल जनसंख्या के 0.06 प्रतिशत थी। 2011 में राज्य में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या वर्कर 11 लाख 34 हजार 273 हो गई है।जो कि राज्य की कुल जनसंख्या का 0.57% है।
भारत की कुल जनसंख्या में ST जनसंख्या का प्रतिशत 8.6% है। प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों में लिंगानुपात 951 है।
कार्य सहभागिता दर-
जनगणना 2011 के अनुसार प्रदेश में कुल आबादी का केवल 32.9% लोग ही कार्यशील हैं शेष आश्रित है। इसलिए प्रदेश की आवश्यक कार्य सहभागिता दर 32.9% ही है। वर्ष 2011 के अनुसार संपूर्ण कार्यशील जनसंख्या में पुरुषों एवं स्त्रियों का प्रतिशत क्रमशः 75.7% एवं 24.3% है कुल कार्यशील आबादी में 67.8% मुख्य कामगार है शेष 32.2% सीमांत कामगार है।
कुल कार्यशील आबादी में 29% कृषक 32.3% कृषि श्रमिक हैं अर्थात कृषि क्षेत्र में 59.3% कामगार नियोजित हैं। कुल कार्यशील आबादी में 5.9% घरेलू उद्योगों में लगे कामगार व 34.8% अन्य क्षेत्रों में लगे कामगार है
स्लम जनगणना 2011-
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल आबादी में कुल सलाम आबादी 9.5% (62,36,965) है।
राज्य में सर्वाधिक स्लम आबादी वाले 5 जिले (घटते क्रम में) मेरठ, आगरा, कानपुर, लखनऊ व गाजियाबाद है।
राज्य की स्लम आबादी में साक्षरता दर 69 % है देश में सर्वाधिक सलाम आबादी वाले 5 राज्य (घटते हुए क्रम में) महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु है।
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